सचिव का सन्देश

broसर्वप्रथम मैं आप सभी गुरुजनों, छात्रों व नगरवासियों को शत्-शत् अभिनन्दन व वन्दन करता हूँ। सिंगरौली जिले में ग्रामीण व नगरीय अंचल के गुणोत्तर शैक्षिक विकास हेतु इस क्षेत्रा में एक ऐसे महाविद्यालय की जरूरत थी जहाँ परंपरागत, व्यावसायिक, तकनीकी व हर प्रकार की शिक्षा की उत्तम व्यवस्था हो, जहाँ हर वर्ग के लोगों को न्यूनतम् शुल्क में शिक्षा उपलब्ध करायी जा सके। विशेषतौर पर छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती थी उनके लिए यह प्रयास भेंट के रूप में समर्पित है, जिससे हर वर्ग से आने वाली युवा पीढ़ी आधुनिक उच्च शिक्षा से वंचित न रह सके।

यह महाविद्यालय बेकार में उम्र गवांनें की जगह नही है। यह तो महाविद्याओं की शिक्षा का एक ऐसा आलय है जहाँ कई तरह की पेचीदगियों से बच निकलनें के रास्ते और अनुभव मिलते हैं। यहाँ आकर जीवन स्वयं शिक्षक बन जाता है। यहाँ परीक्षा होती है-आँधियों में दीपक जलानें की, रातों में सूरज बुलानें की, घर-घर नई बहार लानें की।

इसी परिप्रेक्ष्य में समाज के समस्त वर्ग के लोगो से अपेक्षा है कि महाविद्यालय के प्रति अपने उत्तरदायित्वों की पूर्ति हेतु अपना वैचारिक, मानसिक, बौद्धिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक सहयोग प्रदान कर ऊर्जांचल के शैक्षिक एवं बाद्धिक स्तर को उन्नत एवं उत्तम बनाने का प्रयास करें।

पी. एन. बैस
सचिव